चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले का फरार आरोपी बिहार से गिरफ्तार, पुसौर पुलिस ने मुजफ्फरपुर से दबोचा

रायगढ़, 29 सितंबर 2026। जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुसौर पुलिस ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित मामले में फरार आरोपी को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल Vivo मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

पुलिस के अनुसार, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर की साइबर टिप लाइन से प्राप्त जानकारी के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि 25 मार्च 2026 को पुसौर थाना क्षेत्र के लारा NTPC इलाके से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो देखने और अपलोड करने की गतिविधि सामने आई थी।

जांच के आधार पर पुसौर थाने में 25 अगस्त 2026 को अपराध क्रमांक 200/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 294 और आईटी एक्ट की धारा 67(B) के तहत कार्रवाई शुरू की गई।

मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

विवेचना के दौरान पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर और तकनीकी जानकारी की जांच की। इससे आरोपी की लोकेशन मुजफ्फरपुर, बिहार में होने की जानकारी मिली।

इसके बाद थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम बिहार रवाना हुई। तकनीकी जानकारी के आधार पर टीम ने ग्राम सुमेरा, थाना कुढ़नी, जिला मुजफ्फरपुर से आरोपी मोहम्मद जुबैर आलम (38) को हिरासत में लिया और रायगढ़ लेकर आई।

आरोपी पहले लारा NTPC में करता था काम

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले वर्ष पुसौर थाना क्षेत्र के लारा NTPC में ठेकेदार के अधीन पोकलेन मशीन चलाने का काम करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त Vivo मोबाइल फोन जब्त किया है।

उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

साइबर निगरानी से मिली जानकारी पर कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री के प्रसार अथवा अपलोड से जुड़े मामलों में साइबर निगरानी के जरिए मिलने वाली सूचनाओं पर तकनीकी जांच की जाती है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाती है।

कार्रवाई में पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन सिंह गौर, प्रधान आरक्षक बसंत पाण्डेय और आरक्षक धनुर्जय बेहरा की भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक एवं अश्लील सामग्री का ऑनलाइन प्रसार गंभीर साइबर अपराध है और ऐसे मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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